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जब इलाज/ऑपरेशन के बाद भी बीमारी बरकरार रह जाये : Sotry Of Surgical Strike



Author :   Abhishek Mishra ; Lucknow 10 March 019
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●●●राष्ट्राधिपति होने के नाते Surgical Strike करने का पूरा श्रेय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी को है, बशर्ते सेना के अतुलनीय योगदान को दरकिनार कर  दिया जाए तो.....। उनके इस श्रेय या योगदान को अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए प्रश्नगत करना निहायत घृणित कृत्य होगा, जिस प्रकार मा. प्रधनमंत्री जी ने बूथ स्तर तक वार्ता स्थापित कर पुलवामा घटना के बाद उपजे विषाद को आम जन मानस के बीच बल-संबल के रूप में परिवर्तित किया वह राजनीति एवं कूटनीतिक दृष्टि से चिर अनुकरणीय रहेगा।

परन्तु एक बात कई दिनों से मेरे जहन में चल रही है, कि Surgical का मतलब होता है शल्य प्रकिया, जो कि किसी आंतरिक/बाह्य बीमार, विकार या विकृति से निदान दिलाने के लिए चिकित्सकों द्वारा अपनाई जाती है। जाहिर सी बात है कि मोदी सरकार द्वारा अपनाई गई शल्य प्रकिया अर्थात सर्जिकल स्ट्राइक आतंकवाद की महाबीमारी को समूल नष्ट करने हेतु की गई थी।

और जैसा हम सब देख पा रहें हैं, आतंकी घटनाएं न तो Uri Attack के बाद हुई #SurgicalStrike से नियंत्रित हुईं और न ही पुलवामा हमले के बाद हुये बालाकोट की सर्जिकल स्ट्राइक ने रोका। 8 नवम्बर 2016 को मा.नरेंद्र मोदी जी द्वारा घोषित नोटबन्दी भी आतंकवाद के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही। घाटी से हर रोज दो चार जवानों के शहीद हो जाने की खबरें आज भी रोजाना आती रहती हैं, न हमले थमे न हिंसा नियंत्रित हुई….( आंकड़े..)

ऐसे में जब Surgical Operations अर्थात शल्य प्रक्रिया के बाद भी बीमारी/विकृति बरकार रह गयी हो तो डॉक्टर को चाहिए कि वह ऑपरेशन की विफलता को सामूहिक रूप से स्वीकार कर ले, और बीमारी के बेजह इलाज में उसने मरीज का जो वख्त बेजह जाया करवाया उसके लिए माफी मांग ले।
●●●
Abhishek Mishra
LL.B Hons.(P.),
Lucknow University
#Yours'Commemt  @aksatya100

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