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All About : Seeds Bill 2019/बीज विधेयक 2019 - Abhishek Mishra "Satya"


Author :   Abhishek Mishra ; Lucknow 14 Dec 2019
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Seeds Bill 2019 : बीज विधयेक 2019; 

      ●●●किसानों को उत्तम गुणवत्ता के बीज मुहैया कराकर उत्कृष्ठ उत्पादन एवं खाद्यान्न संकट से निपटने और बीज विपणन को नियंत्रित करने हेतु हरित क्रांति दौरान 1966 में बीज अधिनियम लाया गया था। 
     नव तकनीकी एवं संकरित बीजों के व्यापक शोध/अनुसंधानों ने समय से नव नियमन की दरकार लगाई...
इसी के क्रम में सरकार Seeds Bill 2019 ला रही है। यूं तो इस विधेयक की पहल वर्ष 2004 के दरमियान ही शुरू हो गयी थी किन्तु, युक्तियुक्त जानकारी जुटाकर समय की मांग समझने में इसका अमली जामा पहन पाना अड़चनों से घिरता रहा। विषयवस्तु पर लिखने को तो बहुत कुछ है किंतु आइये समीक्षा करते हैं इस विधेयक के जरिये सम्भाव्य संशोधन एवं उससे होने वाले किसानों को सम्भावित लाभ की, साथ ही साथ एक नजर फेरते हैं उन गुरु पेंचों पर जो भविष्य में व्यवधान का कारण बन सकती हैं...........आपकी राय, उपलब्ध जानकारी एवं विचारों का स्वागत है.........
         बहरहाल कुछ बातें जो इस प्रस्ताव में मुझे बेहद पसन्द आयी वो हैं-
1.बाजार में उपलब्ध विविध प्रकार के बीज खरीदने पर कृषक को प्रत्याशित उत्पादन, जैसा कि कम्पनी/डिस्ट्रीब्यूटर ने उस बीज के पंजीकरण के दौरान बताया है, नहीं प्राप्त होता है तो वह उपभोक्ता संरक्षण अधनियम के तहत दुकानदार/डिस्ट्रीब्यूटर/कंपनी से फसल का मुआवजा मांगने के हकदार होंगें....

2. Indian Council of Agricultural Research(ICAR), State Agricultural Universities(SAUs) एवं निजी कम्पनियों द्वारा विकसित किये सभी हाइब्रिड/अन्य बीजों की गुणवत्ता तथा संभावित उत्पादन क्षमता व किस्मों  को राज्य/केंद्र सरकारों से अनुप्रमाणित कराना होगा। 

3. किसानों निम्न गुणवत्ता वाली प्रजातियों के बीजों से निजात पा जाएंगे, देश में उत्तम कोटि के बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी जिससे उत्पादन सुधरेगा और आमजन को सस्ते मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले खाद्यान्न/सब्जियां/अनाज मिलेंगे........

4. बड़े हुए उत्पादन से अनाज/सब्जियों के निर्यात में वृद्धि होगी, देश की आय बढ़ेगी और किसानों की हालत में आमूल चूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे....... आदि-इत्यादि.................

अधिक जानकारी के लिए स्रोत उपलब्ध करा दे रहा हूँ, उनसे जानकारी लेकर स्वस्थ-उपजाऊ चर्चा की जिम्मेदारी आप पर है। लोकतंत्र में हमेशा मुद्दों पर उपज परक स्वस्थ चर्चाओं का खुले हाथों से स्वागत होना चाहिये बाकी होगा वही जो शाह चाहेगा...........किन्तु याद रहे यहां शाह के मतलब निजाम........मेरा मतलब सरकार से है।अपने ने धैर्य से पढ़ा इसके लिए आपका आभार............!




#Note : मेरी मेहनत पर तरस आये तो आप शेयर करके आगे बढ़ा ..........सकते हैं।


चिंतन मंथन एवं सुझावों सहित आपकी टिप्पणियों के सादर स्वागत एवं हार्दिक अभिनंदन हैं.....


Abhishek Mishra
LL.B Hons.(P.),
Lucknow University
#Yours'Commemt  @aksatya100

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