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जुमलों की सरकार ||कविता|| : Abhishek Mishra "SATYA"

Hon'ble Prime Minister Narendra Modi Inaugurated Surgical Strike Exhibition
and Celebrated it as  Parakarm Parv

Author :   Abhishek Mishra ; Lucknow 1 Oct.2018  
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मेरी नन्ही सी काव्यकृति आप सब की हौसला आफ़ज़ाई की शुभेच्छा लिए आपके समक्ष हाजिर है, इत्मिनान से पढ़ कर शुभाशीष स्वरूप एक #Share जरूर करें..........
________________________________________
ये वही हैं जिन्होंने 85साल की बुजुर्ग को लाइन में लगाया था,
बनारस में खुद को माँ गंगा का बेटा बताया था,
नोटबन्दी से काला धन वापस आने की बात कही थी,
हर हाथ को काम दिलाने की बात कही थी,
झाड़ू उठाया था कचरा हटाने को,
आखिर किसने कहा था नोटबन्दी पर जिन्दा जलाने को ..

किसने माल्या और नीरव को भगाया,
आखिर किसने देश को जुमला सुनाया।
मंदिर भुलाकर अब मस्जिद में जाते हो,
फिर क्यों धर्म के नाम पर हम सबको लड़ाते हो।

PM हो, देश को अमनो-अराम से रहने दो..
मीडिया और विपक्ष को भी अपनी बात कहने दो।
क्यों बीबी छोड़ने को देश के लिए त्याग बताते हो
क्यों हिन्दू-मुस्लिम और दलित के नाम पर हम सबको लड़ाते हो।

खूब झेला है जनता ने जेबों पर महंगाई की मार….
अब फिर से न चुनेंगे हम, जुमलों की सरकार।।

#SelfCompossed
Abhishek Mishra
LL.B Hons.(P.),
Lucknow University
#Yours'Commemt
 @aksatya100          

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